बैठे बैठे भीग जाती है पलकें दर्द छुपाना नहीं आता
किस्मत का खेल देखिए, जिसे चाहा था दिल से, वही दूर हो गया।
मोहब्बत दिल से की थी मगर किस्मत से हारी,
जिसने भी मुझे छोड़ दिया, वो अपना अच्छा वक्त देखकर चला गया।
इश्क़ करना आसान था, निभाना मुश्किल, अब दिल संभालना मुश्किल और तुझे भूलना नामुमकिन।
अब तेरी खामोशी में भी दर्द महसूस होता है…!!!
किस्मत कुछ ऐसी थी चैन से जीने की हिम्मत नहीं हुई,
कई बार दिल का दर्द आध्यात्मिक शांति से हल्का होता है।
जो तेरा था ही नहीं, वो तेरा कभी होगा भी नहीं।
तू खुश रह, यही दुआ है मेरी, बस तुझे याद करने की इजाज़त दे दे।
जख्म दिल के पुराने, दर्द अभी भी ताज़ा है,
कभी नहीं जाना था कि तुमसे इतनी मोहब्बत होगी,
तेरी यादें अब हमारी ज़िन्दगी का हिस्सा Sad Shayari बन गईं,
तुझसे मिलकर भी अब तो वो पल फीके लगते हैं,